Chalisas
Forty verses of praise, kept as a daily reading.
- Shri Sai ChalisaSaiश्री साईं चालीसापहले साई के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं204 verses
- Kali Mata ChalisaKaliकाली माता चालीसाजय काली जगदम्ब जय, हरनि ओघ अघ पुंज60 verses
- Shri Jaharveer Chalisaश्री जाहरवीर चालीसासुवन केहरी जेवर, सुत महाबली रनधीर58 verses
- Shri Navagraha ChalisaNavagrahaश्री नवग्रह चालीसाश्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय58 verses
- Shri Brahma ChalisaBrahmaभगवान ब्रह्मा चालीसाजय ब्रह्मा जय स्वयम्भू, चतुरानन सुखमूल56 verses
- Shri Shakambhari Mata Chalisaश्री शाकम्भरी चालीसाबन्दउ माँ शाकम्भरी, चरणगुरु का धरकर ध्यान54 verses
- Shri Kubera ChalisaKuberaभगवान कुबेर चालीसाजैसे अटल हिमालय, और जैसे अडिग सुमेर52 verses
- Tulasi Mata ChalisaTulsiतुलसी माता चालीसाजय जय तुलसी भगवती, सत्यवती सुखदानी52 verses
- Lalita Mata Chalisaललिता माता चालीसाजयति जयति जय ललिते माता। तव गुण महिमा है…50 verses
- Mahakali Mata ChalisaKaliमहाकाली माता चालीसाजय जय सीताराम के, मध्यवासिनी अम्ब50 verses
- Shri Gopala ChalisaKrishnaभगवान गोपाल चालीसाश्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल50 verses
- Shri Pitar Chalisaश्री पितर चालीसाहे पितरेश्वर आपको, दे दियो आशीर्वाद50 verses
- Shri Rama ChalisaRamaभगवान राम चालीसाश्री रघुबीर भक्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु…50 verses
- Shri Vishwakarma ChalisaVishwakarmaभगवान विश्वकर्मा चालीसाविनय करौं कर जोड़कर, मन वचन कर्म संभारि50 verses
- Bhagavan Shani ChalisaShaniभगवान शनि चालीसाश्री शनिश्चर देवजी, सुनहु श्रवण मम् टेर48 verses
- Lakshmi Mata ChalisaLakshmiलक्ष्मी माता चालीसामातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास48 verses
- Saraswati Mata ChalisaSaraswatiसरस्वती माता चालीसाजनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि48 verses
- Shiva ChalisaShivaभगवान शिव चालीसाजय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान48 verses
- Shri Batuka Bhairava ChalisaBhairavaभगवान बटुक भैरव चालीसाविश्वनाथ को सुमिर मन, धर गणेश का ध्यान48 verses
- Shri Giriraj Chalisaश्री गिरिराज चालीसाबन्दहुँ वीणा वादिनी, धरि गणपति को ध्यान48 verses
- Shri Gorakha Chalisaश्री गोरख चालीसागणपति गिरजा पुत्र को, सुमिरूँ बारम्बार48 verses
- Shri Narasimha ChalisaNarasimhaभगवान नृसिंह चालीसामास वैशाख कृतिका युत, हरण मही को भार48 verses
- Shri Parashurama ChalisaParashuramaश्री परशुराम चालीसाश्री गुरु चरण सरोज छवि, निज मन मन्दिर धारि48 verses
- Shri Pretraj Chalisaश्री प्रेतराज चालीसागणपति की कर वंदना, गुरु चरनन चितलाय48 verses
- Shri Ravidas Chalisaश्री रविदास चालीसाबंदौं वीणा पाणि को, देहु आय मोहिं ज्ञान48 verses
- Ganga Mata ChalisaGangaगंगा माता चालीसाजय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग46 verses
- Gayatri Mata ChalisaGayatriगायत्री माता चालीसाह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा, जीवन ज्योति…46 verses
- Shri Baba Gangaram ChalisaGangaश्री बाबा गंगाराम चालीसाअलख निरंजन आप हैं, निरगुण सगुण हमेश46 verses
- Shri Bagalamukhi Mata Chalisaश्री बगलामुखी चालीसासिर नवाइ बगलामुखी, लिखूँ चालीसा आज46 verses
- Shri Balaji Chalisaश्री बालाजी चालीसाश्री गुरु चरण चितलाय, के धरें ध्यान हनुमान46 verses
- Shri Hanuman ChalisaHanumanहनुमान चालीसाश्री गुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि46 verses
- Shri Krishna ChalisaKrishnaभगवान कृष्ण चालीसाबंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम46 verses
- Shri Narmada Mata Chalisaश्री नर्मदा चालीसादेवि पूजिता नर्मदा, महिमा बड़ी अपार46 verses
- Shri Radha ChalisaRadhaश्री राधा चालीसाश्री राधे वृषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार46 verses
- Shri Rani Sati Chalisaश्री राणी सती चालीसाश्री गुरु पद पंकज नमन, दूषित भाव सुधार46 verses
- Shri Shani Chalisa (alt.)Shaniभगवान शनि चालीसाजय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल46 verses
- Shri Sharda Mata ChalisaSaraswatiश्री शारदा चालीसामूर्ति स्वयंभू शारदा, मैहर आन विराज46 verses
- Ganesh ChalisaGaneshaश्री गणेश चालीसाजय गणपति सदगुण सदन,कविवर बदन कृपालForty verses in praise of Ganesha, opening and closing with a doha.44 verses
- Shitala Mata ChalisaShitalaशीतला माता चालीसाजय-जय माता शीतला, तुमहिं धरै जो ध्यान44 verses
- Shri Annapurna Mata ChalisaAnnapurnaश्री अन्नपूर्णा चालीसाविश्वेश्वर-पदपदम की, रज-निज शीश-लगाय44 verses
- Shri Ganesh ChalisaGaneshaभगवान गणेश चालीसाजय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल44 verses
- Shri Mahalakshmi ChalisaLakshmiश्री महालक्ष्मी चालीसाजय जय श्री महालक्ष्मी, करूँ मात तव ध्यान44 verses
- Shri Mahavir ChalisaHanumanश्री महावीर चालीसाशीश नवा अरिहन्त को, सिद्धन करूँ प्रणाम44 verses
- Shri Parvati Mata ChalisaParvatiश्री पार्वती माता चालीसाजय गिरी तनये दक्षजे, शम्भु प्रिये गुणखानि44 verses
- Shri Ramdev Chalisaश्री रामदेव चालीसाश्री गुरु पद नमन करि, गिरा गनेश मनाय44 verses
- Shri Santoshi Mata ChalisaSantoshiश्री संतोषी माता चालीसाश्री गणपति पद नाय सिर, धरि हिय शारदा ध्यान44 verses
- Shri Shyam Chalisaश्री श्याम चालीसाश्री गुरु चरण ध्यान धर, सुमिरि सच्चिदानन्द44 verses
- Shri Surya Deva ChalisaSuryaभगवान सूर्य देव चालीसाकनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग44 verses
- Shri Vaishno Devi Chalisaश्री वैष्णो चालीसागरुड़ वाहिनी वैष्णवी, त्रिकुटा पर्वत धाम44 verses
- Durga Mata ChalisaDurgaदुर्गा माता चालीसानमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख…42 verses
- Shri Bhairava ChalisaBhairavaभगवान भैरव चालीसाश्री भैरव सङ्कट हरन, मंगल करन कृपालु42 verses
- Shri Vishnu ChalisaVishnuभगवान विष्णु चालीसाविष्णु सुनिए विनय, सेवक की चितलाय42 verses
- Bhagavad Gita Chalisaभगवद गीता चालीसाप्रथमहिं गुरुको शीश नवाऊँ। हरिचरणों में…40 verses
- Vindhyeshwari Mata Chalisaविन्ध्येश्वरी माता चालीसानमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब40 verses